आग उगलती थी धरती भी, उसमें भी शीतलता आई, अस्तित्व खो रही थी नदियाँ, फिर नवजीवन से संचित हो आयी, आग उगलती थी धरती भी, उसमें भी शीतलता आई, अस्तित्व खो रही थी नदियाँ, फिर नवजी...
किसानो की ख़ुशी है ये बारिश। रेगिस्तान की प्यास है ये बारिश। क्या है इस बारिश में समझ नहीं आ... किसानो की ख़ुशी है ये बारिश। रेगिस्तान की प्यास है ये बारिश। क्या है इस बार...
पवन चली मन को झकझोर मचा है शोर पवन चली मन को झकझोर मचा है शोर
शीतल पवन भी छेड़े मुझको उड़ा उड़ाकर आँचल मेरा!! हरियाली चूड़ी भी देखो कैसे शोर मचाती है! शीतल पवन भी छेड़े मुझको उड़ा उड़ाकर आँचल मेरा!! हरियाली चूड़ी भी देखो कैसे शोर मच...
बारिश की बूँदें पड़ी जो धरा पर जल मग्न हो गया हर गाव हर शहर। बारिश की बूँदें पड़ी जो धरा पर जल मग्न हो गया हर गाव हर शहर।
चारों तरह मुस्कान लेकर आया है मानसून चारों तरह मुस्कान लेकर आया है मानसून